ये है पड़ाव जो दिल मै बसा है गहरा ,
ये है वो पल दिल पर है जिनका पहरा,
जब याद आते है आ जाती है मुकान,
शुरु करते है मेरठ कॉलेज के रामानुज दयाल हॉस्टल की दास्तान.....
ये थी पहली रात , हर किसी का अकेला होना
हम सब पर था रागिंग का साया था गहरा होना
भागने की प्लानिंग करना पर gate पर seniors का होना
और फिर रूम NO १ से 97 तक सभी को बुलाना
हमारा डरते हुए टीवी रूम तक जाना
वो रेगिंग का दस बजे स्टार्ट होना
और कुछ पता नहीं कब कब ख़तम होना,
ना मुमकिन है वो पल भूल पाना......
रोजाना एक अछे रेगिंग और एक बुरी रेगिंग होना
टीवी रूम मै सुबह पांच बजे तक रेगिंग का चलना
वो किसी के हसने पर उसे मुर्गा बनाना
वो अजीत का धमकी देना
और पवार का चिल्लाना
वो टीवी रूम के बहार वाली रेगिंग से सबका डरना
वो कभी चांस लगा तो हॉस्टल की दिवार कूदना
ढाबे पे रात भर चाय पीना और टीवी देखना
दिल मै बसा है हर लम्हा पुराना...
वो शाम को ग्राउंड मै जाना और पुरे मैच मै फ़ील्डिंग करना
बाद मै भगवान् से दुआ करना भगवान् जल्दी आउट करवाओ...
वो "OD" और RD के मैच होना ....
वो बाल को गिर्ल्स हॉस्टल मै मरने का टार्गेट रखना
वो दिवार कूद के बाल लेने जाना
मेरी और अनुभव की ओपनिंग होना
और "BNM" वालो का बोलना
यार ये दोनों maar डालेंगे...
कितना अच्छा है ये सब याद करना ...
वो रोहन , परवीन , "Teetu" और कुलदीप का हमेशा साथ होना
कितना मुस्किल है ऐसे दोस्त मिलना
वो शौपिंग के लिए 8 ya 9 का एक साथ आबू लेन जाना
और कुछ भी न खरीद के लाना..
वो बाबु लाल के यहाँ ब्रेक फास्ट और मुन्ना की लस्सी पीना
वो आधा दिन कॉलेज और आधा कचहरी पुल पर बिताना
वो पुल पर बैठ कर नंबर देना
कितना हसीन है हर लम्हा पुराना......
वो हमारे मेस का दो महीने ही चलना
और फिर अपने घी के केन लेके "HAK" या "OD" हॉस्टल जाना ,
क्योकि सरे कमीनो का "RD" मै होना
वो "JS" लैब्ररी जाना और मूवी की "CD" लाना..
वो हर सन्डे को मंदिर जाना
और ढाका का नवरातो मै डेली जाना ...
वो कादिर rana का पकाना..
वो नागर का हमेहा परेशान रहना
और डागर का रोज सुबह कहना मेरे निकर कहा है भाई
और सब का कहना ..saale पहनना तो शुरु कर
वो भाटी की सुपर फास्ट बोवलिंग
वो अनुभव का सिक्स मरना
फिर भाटी का स्पीड नहीं आ रही कहना ..
कितना हसीन है हर लम्हा पुराना......
वो नरेश जी का बोवलिंग करना न आना
फिर भी हमेशा ओवर मै कम से कम सिक्सटीन रन देना
वो अनिल का इलेक्शन लड़ना
वो रात रात भर बेंनर और फोटो चिपकाना
वो प्रचार के लिए कार मै आस paas की सिटी जाना ...
क्लास मै प्रचार के लिए जाना और kahna
बस जी धयान रखना
वो अचानक एक्साम्स का आ जाना और कुछ पढ़ा न होना
वो रात को पढने की होड़ लगना
और प्रशांत और ढाका का जीत जाना
दिल मै बसा है हर लम्हा पुराना ......
वो वार्डेन का आना और चेकिंग करना
हम सब का वार्डेन के घर मै से कूद के भाग जाना
सारी रात चरण सिंह पार्क मै बिताना
मुस्किल है ये सब भूल पाना.......
PS:-
RD:- Ramanuj Dayal Hostel in Meerut College
OD:- Odonal Hostel Hostel in Meerut College
HAK:- Hafeej Abdul Kareem Hostel in Meerut College
BNM:- Brajnath Mittal Hostel in Meerut College


