Saturday, September 15, 2012

हे ईश्वर

हे ईश्वर....................................
मै महसूस करता हु कुछ गलत सा
मै जीता हु कुछ डरा डरा सा
कहने को मै समझदार हु अब
पर आपसे से कहाँ छूपा है ये सब
हे ईश्वर ......हे ईश्वर
दूरी सी ये क्यों बढ़ रही दरमियाँ
समझ नहीं प् रहा ये मजबूरिया
करम पर से क्यों ये धयान हट चला है मेरा
हे ईश्वर कुछ उद्धार करो आप मेरा..
हे ईश्वर.... हे ईश्वर.......................
पहले जैसा बच्चा  मै अच्छा था
आपके पास आपके साथ हर दम आपका साथ
कुछ बहक सा गया हु भाग्दोर मै
आपका की ही संतान हु पालन हार
किर्पया करके कुछ करो मुझ पर उपकार
जिस से आपका  ये शिष्य कर सके ये मझदार पार
और कर सकू मै अपने सपने साकार .....
ये ईश्वर ...हे ईश्वर .......

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